कुलदीप मिस्रा  




आमिर खान खान की जीवनी | Aamir Khan Biography In Hindi
By Gyani Pandit - November 29, 2015
   


पूरा नाम   –  मुहम्मद आमिर हुसैन खान
जन्म        –  14 मार्च 1965
जन्मस्थान  –  मुंबई. महाराष्ट्र
पिता        –  ताहिर हुसैन
माता       –  जीनत हुसैन

आमिर खान खान की जीवनी / Aamir Khan Biography In Hindi

आमिर खान / Aamir Khan एक भारतीय फिल्म अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, टेलीविज़न हस्ती, सामाजिक कार्यकर्त्ता, चलचित्र लेखक और मानव प्रेमी है. फिल्म जगत में अपने सफल करियर के बल पर उन्होंने खुद को हिंदी फिल्म जगत का सबसे मशहूर कलाकार बनाया. उनके करियर में उन्हें कई सारे पुरस्कारों से नवाज़ा गया है, जिसमे चार राष्ट्रिय फिल्म पुरस्कार और सात फिल्मफेयर अवार्ड भी शामिल है. भारत सरकार की तरफ से उन्हें 2003 में पद्मश्री और 2010 में उन्हें पद्म भूषण से भी नवाज़ा गया था.

खान का जन्म ताहिर हुसैन (फिल्म निर्माता) और जीनत हुसैन के बड़े बेटे के रूप में मुंबई में 14 मार्च 1965 को हुआ था. खान के बहोत से रिश्तेदार फिल्म जगत के सदस्य थे. जिनमे उनके अंकल नासिर हुसैन का भी समावेश था. कहा जाता है की अपनी दादी की वजह से वे दर्शनशास्त्री अबुल कलाम आजाद के भी रिश्ते में आते थे. खान अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़े है, उनके एक भाई है, फैसल खान और दो बहने, फरहत और निखत खान. उनका भतीजा, इमरान खान एक आधुनिक हिंदी फिल्म अभिनेता है.

आमिर खान बच्चपन में ही दो भूमिका में परदे पर आये थे. 8 साल की आयु में, नासिर हुसैन के निर्देशन वाली म्यूजिकल फिल्म यादो की बारात (1973) में उन्होंने अभिनय किया था. उसी साल उन्होंने अपने पिता द्वारा निर्मित मदहोश में भुमिका अदा की थी. खान ने बाद में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के लिए जे.बी. पेटिट स्कूल जाना शुरू किया और बाद में 8वी कक्षा तक बांद्रा की सेंट एंस स्कूल से उन्होंने शिक्षा ग्रहण की. और महिम की बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से 9वी और 10वी की शिक्षा ग्रहण की. खान को बचपन से ही टेनिस में बहोत रूचि थे, उन्हें टेनिस खेलना बहोत पसंद था. उनके शिक्षको का हमेशा से ही यह कहना था की, खान का ध्यान पढाई में कम और खेलने में ज्यादा है. मुंबई के नरसी मोंजी कॉलेज से उनकी 12 वी की शिक्षा प्राप्त की. खान ने अपने बचपन को आर्थिक परेशानिया होने की वजह से बहोत ‘कठिन’ बताया. उस समय उनके पिता को आर्थिक मंदी से होकर गुजरना पड़ रहा था, खान ने बताया की उनके पिता ने जिन-जिन से भी उधार ले रखा था उनके तक़रीबन दिन में 20-30 फ़ोन आते रहते थे. और खान को हमेशा से ही यह डर लगा रहता था की कही फीस ना देने की वजह से स्कूल से निकाला न जाये.


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16 साल की आयु में, आमिर खान / Aamir Khan ने एक प्रयोग किया और 40 मिनट की एक साइलेंट फिल्म (मूक फिल्म) बनाई. जिसे परानोईया का नाम दिया गया, यह फिल्म उनके स्कूल के दोस्त आदित्य भट्टाचार्य के निर्देशन में ही बनाई गयी थी. इस फिल्म को बनाने में श्रीराम लागू ने धन देकर उनकी सहायता की. जो भट्टाचार्य को अच्छी तरह से जानते थे लागू ने उन्हें हजारो रुपयों की सहायता की. खान के माता-पिता उस समय अपने अनुभव के आधार पर खान द्वारा लिए गये इस निर्णय के विरोध में थे. वे चाहते थे की फिल्मजगत में आने की बजाये उनका बेटा कोई डॉक्टर या इंजिनियर बने. और अंततः फिल्म की शूटिंग पूरी हो ही गयी. फिल्म में आमिर खान अपने सह-अभिनेता नीना गुप्ता और विक्टर बनर्जी के साथ मुख्य भूमिका में थे. उस समय भट्टाचार्य ने कहा था की उस फिल्म ने उसके करियर को एक नयी दिशा प्रदान की थी, और नया अनुभव उन्हें उस फिल्म से प्राप्त हुआ था.

खान बाद में अवांतर नाम के एक थिएटर समूह में शामिल हो गये थे, जहा एक साल तक वे परदे के पीछे की भुमिका निभाते रहे. उन्होंने अपने अभिनय की शुरुवात कंपनी के ही एक गुजराती नाटक, केसर बिना में छोटी सी भुमिका अदा कर के की. बाद में उन्होंने दो हिंदी नाटक और एक अंग्रेजी नाटक में अभिनय किया. और अपनी हाई-स्कूल की पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने पढाई छोड़ने का निर्णय लिया, और अपने माता-पिता के निर्णय के विरुद्ध जाकर वे निर्देशक नासिर हुसैन के सहायक बने. जिन्होंने उस समय मंजिल-मंजिल (1984) और ज़बरदस्त (1985) का निर्माण किया था.

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