मेरा गांव
सुबह उठ कर उगते हुए सूर्य को देखना, प्यारी चिड़ियों का गाना,कितना सुंदर मनोहर मौसम,
वो कोयल की बोली, प्यारा सा जंगल,
किरकेट का खेल, प्यारा सा गांव, सपनों का छांव,
बंदरो का झुंड, वो पके हुए आम, वो धूप मे करना काम
सारा दिन,
शाम कि मनोहर मौसम, नदियों के किनारे,
खुला आसमान,
बच्चों कि टोली, संग खेलना होली,
दोस्तों का साथ, मां की हाथों की रोटी,
सपनों का संसार, वो अकेलापन ,ठंडी सी बयार,
बस यही है मेरा गांव
कुलदीप मिस्रा
वो कोयल की बोली, प्यारा सा जंगल,
किरकेट का खेल, प्यारा सा गांव, सपनों का छांव,
बंदरो का झुंड, वो पके हुए आम, वो धूप मे करना काम
सारा दिन,
शाम कि मनोहर मौसम, नदियों के किनारे,
खुला आसमान,
बच्चों कि टोली, संग खेलना होली,
दोस्तों का साथ, मां की हाथों की रोटी,
सपनों का संसार, वो अकेलापन ,ठंडी सी बयार,
बस यही है मेरा गांव
कुलदीप मिस्रा
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