सपना है अपना
सपनों को खुली आखों से देखो और उसे पाने के लिए पुरी जुनुन से आगे बढ़ो
गरमी मे अगर सूरज का तिरस्कार होता है तो सर्दीयों मे
उसी सूरज का सबको इन्तजार होता है
गरमी मे अगर सूरज का तिरस्कार होता है तो सर्दीयों मे
उसी सूरज का सबको इन्तजार होता है
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